Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.74.11-12h: 'सत्ययुग के बाद त्रेतायुग आया। इसमें बलवान क्षत्रियों का बोलबाला हो गया और वे क्षत्रिय भी उसी प्रकार तप करने लगे।'   |   ramayan सर्ग 7.74: नारदजी का श्रीराम से एक तपस्वी शूद्र के अधर्माचरण को ब्राह्मण-बालक की मृत्यु में कारण बताना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 74: नारदजी का श्रीराम से एक तपस्वी शूद्र के अधर्माचरण को ब्राह्मण-बालक की मृत्यु में कारण बताना  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  7.74.11-12h 
ततस्त्रेतायुगं नाम मानवानां वपुष्मताम्॥ ११॥
क्षत्रिया यत्र जायन्ते पूर्वेण तपसान्विता:।
 
 
अनुवाद
'सत्ययुग के बाद त्रेतायुग आया। इसमें बलवान क्षत्रियों का बोलबाला हो गया और वे क्षत्रिय भी उसी प्रकार तप करने लगे।'
 
‘After Satyayuga came Tretayuga. In this, strong bodied Kshatriyas became predominant and those Kshatriyas also started performing the same type of penance. 11 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)