Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.69.35-36: देवताओं द्वारा पूजित वह दिव्य बाण उस राक्षस के हृदय को छेदता हुआ तत्काल रसातल में चला गया और रसातल में जाकर तत्काल ही इक्ष्वाकुपुत्र शत्रुघ्न के पास वापस आ गया। | ramayan सर्ग 7.69: शत्रुघ्न और लवणासुर का युद्ध तथा लवण का वध । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवताओं द्वारा पूजित वह दिव्य बाण उस राक्षस के हृदय को छेदता हुआ तत्काल रसातल में चला गया और रसातल में जाकर तत्काल ही इक्ष्वाकुपुत्र शत्रुघ्न के पास वापस आ गया।
That divine arrow worshipped by the gods instantly pierced the heart of that demon and entered the abyss. After going into the abyss, it again instantly came back to Shatrughna, the son of the Ikshwaku clan. 35-36.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥