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ramayan 7.69.26-27h: पुत्रो! यह तेजोमय अनन्त बाण आदिपुरुष, जगत् के रचयिता भगवान विष्णु का है। इसी के कारण तुम्हें भय हुआ है। 26 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.69: शत्रुघ्न और लवणासुर का युद्ध तथा लवण का वध   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 69: शत्रुघ्न और लवणासुर का युद्ध तथा लवण का वध  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  7.69.26-27h 
एष पूर्वस्य देवस्य लोककर्तु: सनातन:॥ २६॥
शरस्तेजोमयो वत्सा येन वै भयमागतम्।
 
 
अनुवाद
पुत्रो! यह तेजोमय अनन्त बाण आदिपुरुष, जगत् के रचयिता भगवान विष्णु का है। इसी के कारण तुम्हें भय हुआ है। 26 1/2॥
 
Sons! This brilliant eternal arrow belongs to the Adipurusha, the creator of the world, Lord Vishnu. Due to which you have got fear. 26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)