श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 68: लवणासुर का आहार के लिये निकलना, शत्रुघ्न का मधुपुरी के द्वार पर डट जाना और लौटे हुए लवणासुर के साथ उनकी रोषभरी बातचीत  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.68.14 
मम मातृष्वसुर्भ्राता रावणो नाम राक्षस:।
हतो रामेण दुर्बुद्धे स्त्रीहेतो: पुरुषाधम॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे कुटिल बुद्धि वाले दुष्ट! रावण नामक राक्षस मेरी बुआ शूर्पणखा का भाई था, जिसे तेरे भाई राम ने एक स्त्री के लिए मार डाला था॥14॥
 
You wretched fellow with a crooked mind! The demon named Ravana was the brother of my aunt Shurpanakha, whom your brother Rama killed for a woman.॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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