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श्लोक 7.68.12  |
तस्य मे युद्धकामस्य द्वन्द्वयुद्धं प्रदीयताम्।
शत्रुस्त्वं सर्वभूतानां न मे जीवन् गमिष्यसि॥ १२॥ |
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| अनुवाद |
| मैं युद्ध करना चाहता हूँ। अतः मुझे युद्ध करने का अवसर दो। तुम समस्त प्राणियों के शत्रु हो; अतः मेरे हाथों से जीवित बचकर नहीं निकल सकोगे॥12॥ |
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| ‘I want to fight. So give me a chance to fight. You are the enemy of all living beings; therefore you will not be able to escape from my hands alive.’॥ 12॥ |
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