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श्लोक 7.68.10  |
उवाच च सुसंक्रुद्ध: शत्रुघ्न: स निशाचरम्।
योद्धुमिच्छामि दुर्बुद्धे द्वन्द्वयुद्धं त्वया सह॥ १०॥ |
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| अनुवाद |
| उस समय शत्रुघ्न अत्यन्त क्रोधित होकर उस रात्रि-राक्षस से बोले - 'अरे मूर्ख! मैं तुझसे द्वन्द्वयुद्ध करना चाहता हूँ॥ 10॥ |
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| At that time Shatrughna became very angry and said to that night-demon - 'You idiot! I want to fight a duel with you.॥ 10॥ |
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