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ramayan 7.67.5: प्राचीन काल में अयोध्यापुरी में युवनाश्व के पुत्र राजा मान्धाता राज्य करते थे। वे अत्यंत बलवान, शूरवीर और तीनों लोकों में विख्यात थे।   |   ramayan सर्ग 7.67: च्यवन मुनि का शत्रुघ्न को लवणासुर के शूल की शक्ति का परिचय देते हुए राजा मान्धाता के वध का प्रसंग सुनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 67: च्यवन मुनि का शत्रुघ्न को लवणासुर के शूल की शक्ति का परिचय देते हुए राजा मान्धाता के वध का प्रसंग सुनाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.67.5 
अयोध्यायां पुरा राजा युवनाश्वसुतो बली।
मान्धाता इति विख्यातस्त्रिषु लोकेषु वीर्यवान्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल में अयोध्यापुरी में युवनाश्व के पुत्र राजा मान्धाता राज्य करते थे। वे अत्यंत बलवान, शूरवीर और तीनों लोकों में विख्यात थे।
 
In ancient times, King Mandhata, son of Yuvnashwa, used to rule in Ayodhyapuri. He was very strong, brave and famous in all three worlds. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)