Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.67.22: इस प्रकार महाराज मान्धाता अपनी सम्पूर्ण सेना और घुड़सवारों सहित मारे गए। हे भद्र! उस भाले की शक्ति असीम और महानतम है॥ 22॥ | ramayan सर्ग 7.67: च्यवन मुनि का शत्रुघ्न को लवणासुर के शूल की शक्ति का परिचय देते हुए राजा मान्धाता के वध का प्रसंग सुनाना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं स राजा सुमहान् हत: सबलवाहन:।
शूलस्य तु बलं सौम्य अप्रमेयमनुत्तमम्॥ २२॥
अनुवाद
इस प्रकार महाराज मान्धाता अपनी सम्पूर्ण सेना और घुड़सवारों सहित मारे गए। हे भद्र! उस भाले की शक्ति असीम और महानतम है॥ 22॥
‘In this way, Maharaja Mandhaata was killed along with his entire army and horsemen. O gentle one! The power of that spear is limitless and the greatest of all.॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥