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ramayan 7.66.7-8: 'वृद्ध स्त्रियाँ इन दोनों बालकों में से प्रथम बालक को मंत्रों से पवित्र करके कुश से नहलाएँ। ऐसा करने से उस बालक का नाम 'कुश' होगा और उनमें से जो छोटा है उसे लव से नहलाएँ। इससे उसका नाम 'लव' होगा।॥ 7-8॥   |   ramayan सर्ग 7.66: सीता के दो पुत्रों का जन्म, वाल्मीकि द्वारा उनकी रक्षा की व्यवस्था और इस समाचार से प्रसन्न हुए शत्रुघ्न का वहाँ से प्रस्थान करके यमुनातट पर पहुँचना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 66: सीता के दो पुत्रों का जन्म, वाल्मीकि द्वारा उनकी रक्षा की व्यवस्था और इस समाचार से प्रसन्न हुए शत्रुघ्न का वहाँ से प्रस्थान करके यमुनातट पर पहुँचना  »  श्लोक 7-8
 
 
श्लोक  7.66.7-8 
यस्तयो: पूर्वजो जात: स कुशैर्मन्त्रसत्कृतै:।
निर्मार्जनीयस्तु तदा कुश इत्यस्य नाम तत्॥ ७॥
यश्चावरो भवेत् ताभ्यां लवेन सुसमाहित:।
निर्मार्जनीयो वृद्धाभिर्लवेति च स नामत:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'वृद्ध स्त्रियाँ इन दोनों बालकों में से प्रथम बालक को मंत्रों से पवित्र करके कुश से नहलाएँ। ऐसा करने से उस बालक का नाम 'कुश' होगा और उनमें से जो छोटा है उसे लव से नहलाएँ। इससे उसका नाम 'लव' होगा।॥ 7-8॥
 
‘Old women should wash the first born of these two children with these Kush grass after sanctifying them with mantras. By doing so, that child will be named ‘Kusha’ and the younger one among them should be washed with Lav. This will make him named ‘Lav’.॥ 7-8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)