Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.66.5: वाल्मीकि प्रसन्न मन से प्रसव कक्ष में गए और दोनों बालकों को देखा तथा उनकी रक्षा की व्यवस्था की जिससे सभी भूत-प्रेतों और राक्षसों का नाश हो सके। | ramayan सर्ग 7.66: सीता के दो पुत्रों का जन्म, वाल्मीकि द्वारा उनकी रक्षा की व्यवस्था और इस समाचार से प्रसन्न हुए शत्रुघ्न का वहाँ से प्रस्थान करके यमुनातट पर पहुँचना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वाल्मीकि प्रसन्न मन से प्रसव कक्ष में गए और दोनों बालकों को देखा तथा उनकी रक्षा की व्यवस्था की जिससे सभी भूत-प्रेतों और राक्षसों का नाश हो सके।
Valmiki entered the delivery room with a happy mind and saw the two children and arranged for their protection which would destroy all ghosts and demons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥