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ramayan 7.66.2: तत्पश्चात्, आधी रात के समय कुछ ऋषिपुत्रों ने वाल्मीकि के पास आकर उन्हें सीता के प्रसव का शुभ एवं सुखद समाचार सुनाया॥ 2॥   |   ramayan सर्ग 7.66: सीता के दो पुत्रों का जन्म, वाल्मीकि द्वारा उनकी रक्षा की व्यवस्था और इस समाचार से प्रसन्न हुए शत्रुघ्न का वहाँ से प्रस्थान करके यमुनातट पर पहुँचना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 66: सीता के दो पुत्रों का जन्म, वाल्मीकि द्वारा उनकी रक्षा की व्यवस्था और इस समाचार से प्रसन्न हुए शत्रुघ्न का वहाँ से प्रस्थान करके यमुनातट पर पहुँचना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.66.2 
ततोऽर्धरात्रसमये बालका मुनिदारका:।
वाल्मीके: प्रियमाचख्यु: सीताया: प्रसवं शुभम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, आधी रात के समय कुछ ऋषिपुत्रों ने वाल्मीकि के पास आकर उन्हें सीता के प्रसव का शुभ एवं सुखद समाचार सुनाया॥ 2॥
 
Thereafter, at midnight some sons of sages came to Valmiki and gave him the auspicious and pleasant news of Sita's delivery.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)