Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.66.11-12: जब वृद्ध स्त्रियाँ इस प्रकार रक्षा करने लगीं, तब आधी रात को श्री राम और सीता के नाम और कुल की ध्वनि शत्रुघ्न के कानों में पड़ी। साथ ही उन्हें यह समाचार भी मिला कि सीता के दो सुन्दर पुत्र हुए हैं। तब वे सीता की कुटिया के पास गए और बोले - 'माता! यह तो बड़े सौभाग्य की बात है।' ॥11-12॥ | ramayan सर्ग 7.66: सीता के दो पुत्रों का जन्म, वाल्मीकि द्वारा उनकी रक्षा की व्यवस्था और इस समाचार से प्रसन्न हुए शत्रुघ्न का वहाँ से प्रस्थान करके यमुनातट पर पहुँचना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथा तां क्रियमाणां च वृद्धाभिर्गोत्रनाम च।
संकीर्तनं च रामस्य सीताया: प्रसवौ शुभौ॥ ११॥
अर्धरात्रे तु शत्रुघ्न: शुश्राव सुमहत् प्रियम्।
पर्णशालां ततो गत्वा मातर्दिष्टॺेति चाब्रवीत्॥ १२॥
अनुवाद
जब वृद्ध स्त्रियाँ इस प्रकार रक्षा करने लगीं, तब आधी रात को श्री राम और सीता के नाम और कुल की ध्वनि शत्रुघ्न के कानों में पड़ी। साथ ही उन्हें यह समाचार भी मिला कि सीता के दो सुन्दर पुत्र हुए हैं। तब वे सीता की कुटिया के पास गए और बोले - 'माता! यह तो बड़े सौभाग्य की बात है।' ॥11-12॥
When the old women started protecting in this manner, at midnight the sound of the names and clans of Shri Ram and Sita reached Shatrughna's ears. Along with that he got the news that Sita had two beautiful sons. Then he went to Sita's hut and said - 'Mother! This is a matter of great fortune'. ॥11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥