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ramayan 7.65.25: वह मनुष्य का मांस लाकर राजा को देता हुआ बोला, ‘मैं यह मांसयुक्त भोजन और प्रसाद लाया हूँ। यह बहुत स्वादिष्ट है।’॥25॥   |   ramayan सर्ग 7.65: महर्षि वाल्मीकि का शत्रुघ्न को सुदासपुत्र कल्माषपाद की कथा सुनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.65.25 
स मानुषमथो मांसं पार्थिवाय न्यवेदयत्।
इदं स्वादु हविष्यं च सामिषं चान्नमाहृतम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वह मनुष्य का मांस लाकर राजा को देता हुआ बोला, ‘मैं यह मांसयुक्त भोजन और प्रसाद लाया हूँ। यह बहुत स्वादिष्ट है।’॥25॥
 
‘He brought human flesh and gave it to the king and said, ‘I have brought this meat-based food and offerings. This is very tasty.’॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)