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ramayan 7.65.14: एक राक्षस को मारकर महापुरुष सौदास निश्चिन्त हो गए, उनका क्रोध जाता रहा और वे मरे हुए राक्षस को देखने लगे॥14॥   |   ramayan सर्ग 7.65: महर्षि वाल्मीकि का शत्रुघ्न को सुदासपुत्र कल्माषपाद की कथा सुनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.65.14 
विनिपात्य तमेकं तु सौदास: पुरुषर्षभ:।
विज्वरो विगतामर्षो हतं रक्षो ह्युदैक्षत॥ १४॥
 
 
अनुवाद
एक राक्षस को मारकर महापुरुष सौदास निश्चिन्त हो गए, उनका क्रोध जाता रहा और वे मरे हुए राक्षस को देखने लगे॥14॥
 
Having struck down one demon, the great man Saudasa became carefree. His anger vanished and he started looking at the dead demon.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)