Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.65.1: अपनी सेना को आगे भेजकर और एक मास तक अयोध्या में रहकर शत्रुघ्न वहाँ से अकेले ही मधुवन के मार्ग से चल पड़े। वे बड़े वेग से आगे बढ़ने लगे॥1॥ | ramayan सर्ग 7.65: महर्षि वाल्मीकि का शत्रुघ्न को सुदासपुत्र कल्माषपाद की कथा सुनाना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रस्थाप्य च बलं सर्वं मासमात्रोषित: पथि।
एक एवाशु शत्रुघ्नो जगाम त्वरितं तदा॥ १॥
अनुवाद
अपनी सेना को आगे भेजकर और एक मास तक अयोध्या में रहकर शत्रुघ्न वहाँ से अकेले ही मधुवन के मार्ग से चल पड़े। वे बड़े वेग से आगे बढ़ने लगे॥1॥
After sending his army ahead and staying in Ayodhya for a month, Shatrughna left alone from there on the way to Madhuvan. He started moving forward with great speed.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥