श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 64: श्रीराम की आज्ञा के अनुसार शत्रुघ्न का सेना को आगे भेजकर एक मास के पश्चात् स्वयं भी प्रस्थान करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.64.4 
हिरण्यस्य सुवर्णस्य नियुतं पुरुषर्षभ।
आदाय गच्छ शत्रुघ्न पर्याप्तधनवाहन:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ शत्रुघ्न! आप दस लाख स्वर्ण मुद्राएँ अपने साथ ले जाएँ। इस प्रकार अपने पास पर्याप्त धन और वाहन रखें।॥4॥
 
O best of men, Shatrughna! You take ten lakh gold coins with you. In this way, keep enough wealth and vehicles with you.॥ 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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