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ramayan 7.64.2-3: हे महात्मन! ये चार हजार घोड़े, दो हजार रथ, सौ हाथी और रास्ते में नाना प्रकार की वस्तुओं की दुकानें लगाने वाले व्यापारी, बिक्री के लिए आवश्यक सामान लेकर आपके साथ चलेंगे। इनके साथ मनोरंजन के लिए अभिनेता और नर्तक भी होंगे॥ 2-3॥   |   ramayan सर्ग 7.64: श्रीराम की आज्ञा के अनुसार शत्रुघ्न का सेना को आगे भेजकर एक मास के पश्चात् स्वयं भी प्रस्थान करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 64: श्रीराम की आज्ञा के अनुसार शत्रुघ्न का सेना को आगे भेजकर एक मास के पश्चात् स्वयं भी प्रस्थान करना  »  श्लोक 2-3
 
 
श्लोक  7.64.2-3 
इमान्यश्वसहस्राणि चत्वारि पुरुषर्षभ।
रथानां द्वे सहस्रे च गजानां शतमुत्तमम्॥ २॥
अन्तरापणवीथ्यश्च नानापण्योपशोभिता:।
अनुगच्छन्तु काकुत्स्थं तथैव नटनर्तका:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे महात्मन! ये चार हजार घोड़े, दो हजार रथ, सौ हाथी और रास्ते में नाना प्रकार की वस्तुओं की दुकानें लगाने वाले व्यापारी, बिक्री के लिए आवश्यक सामान लेकर आपके साथ चलेंगे। इनके साथ मनोरंजन के लिए अभिनेता और नर्तक भी होंगे॥ 2-3॥
 
‘O great man! These four thousand horses, two thousand chariots, a hundred elephants and the traders who will set up shops selling different kinds of goods on the way will accompany you with the necessary goods for sale. Along with this, there will also be actors and dancers for entertainment.॥ 2-3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)