श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 64: श्रीराम की आज्ञा के अनुसार शत्रुघ्न का सेना को आगे भेजकर एक मास के पश्चात् स्वयं भी प्रस्थान करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.64.12 
तत्र स्थाप्य बलं सर्वं नदीतीरे समाहित:।
अग्रतो धनुषा सार्धं गच्छ त्वं लघुविक्रम॥ १२॥
 
 
अनुवाद
"हे वीर योद्धा! तब तुम वहाँ गंगा नदी के तट पर सारी सेना को रोक दो और केवल अपना धनुष धारण करके अकेले ही अत्यंत सावधानी से आगे बढ़ो।"॥12॥
 
"O valiant warrior! Then stop the whole army there on the bank of river Ganga and go ahead alone with utmost caution, holding only your bow."॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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