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ramayan 7.62.9: जब रघुनाथ ने उनसे यह प्रश्न पूछा, तो भरत ने उत्तर दिया, "भैया! मैं इस लवण को मार डालूँगा। इसे मेरे भाग में रख लो।"   |   ramayan सर्ग 7.62: श्रीराम का ऋषियों से लवणासुर के आहार-विहार के विषयमें पूछना और शत्रुघ्न की रुचि जानकर उन्हें लवण वध के कार्य में नियुक्त करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 62: श्रीराम का ऋषियों से लवणासुर के आहार-विहार के विषयमें पूछना और शत्रुघ्न की रुचि जानकर उन्हें लवण वध के कार्य में नियुक्त करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.62.9 
राघवेणैवमुक्तस्तु भरतो वाक्यमब्रवीत्।
अहमेनं वधिष्यामि ममांश: स विधीयताम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
जब रघुनाथ ने उनसे यह प्रश्न पूछा, तो भरत ने उत्तर दिया, "भैया! मैं इस लवण को मार डालूँगा। इसे मेरे भाग में रख लो।"
 
When Raghunath asked him this question, Bharata replied, "Brother! I will kill this Lavana. Let him be kept in my share."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)