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ramayan 7.62.6: यह कथन सुनकर श्री रघुनाथजी ने उन श्रेष्ठ मुनियों से कहा - 'महर्षिओ! मैं उस राक्षस का वध करवाऊँगा। तुम्हारा भय दूर हो जाए।'॥6॥   |   ramayan सर्ग 7.62: श्रीराम का ऋषियों से लवणासुर के आहार-विहार के विषयमें पूछना और शत्रुघ्न की रुचि जानकर उन्हें लवण वध के कार्य में नियुक्त करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 62: श्रीराम का ऋषियों से लवणासुर के आहार-विहार के विषयमें पूछना और शत्रुघ्न की रुचि जानकर उन्हें लवण वध के कार्य में नियुक्त करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.62.6 
तच्छ्रुत्वा राघवो वाक्यमुवाच स महामुनीन्।
घातयिष्यामि तद् रक्षो व्यपगच्छतु वो भयम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
यह कथन सुनकर श्री रघुनाथजी ने उन श्रेष्ठ मुनियों से कहा - 'महर्षिओ! मैं उस राक्षस का वध करवाऊँगा। तुम्हारा भय दूर हो जाए।'॥6॥
 
Hearing this statement, Shri Raghunathji said to those great sages - 'Maharishis! I will get that demon killed. Your fear should go away.'॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)