Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.62.3: वह बोला, 'प्रभु! उसका भोजन तो सभी जीव हैं; किन्तु वह विशेष रूप से तपस्वी मुनियों को खाता है। उसका आचरण बड़ा क्रूर और भयानक है तथा वह सदैव मधुवन में निवास करता है।' | ramayan सर्ग 7.62: श्रीराम का ऋषियों से लवणासुर के आहार-विहार के विषयमें पूछना और शत्रुघ्न की रुचि जानकर उन्हें लवण वध के कार्य में नियुक्त करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह बोला, 'प्रभु! उसका भोजन तो सभी जीव हैं; किन्तु वह विशेष रूप से तपस्वी मुनियों को खाता है। उसका आचरण बड़ा क्रूर और भयानक है तथा वह सदैव मधुवन में निवास करता है।'
He said, 'Lord! His food consists of all living beings; but he especially eats ascetic sages. His behavior is very cruel and terrifying and he always resides in Madhuvan.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥