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ramayan 7.61.9: यदि कोई मनुष्य निःसंदेह युद्ध के लिए तुम्हारे पास आएगा, तो यह भाला उसे नष्ट करके तुम्हारे हाथ में लौट आएगा। ॥9॥   |   ramayan सर्ग 7.61: ऋषियों का मधु को प्राप्त हुए वर तथा लवणासुर के बल और अत्याचार का वर्णन करके उससे प्राप्त होनेवाले भय को दूर करने के लिये श्रीरघुनाथजी से प्रार्थना करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 61: ऋषियों का मधु को प्राप्त हुए वर तथा लवणासुर के बल और अत्याचार का वर्णन करके उससे प्राप्त होनेवाले भय को दूर करने के लिये श्रीरघुनाथजी से प्रार्थना करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.61.9 
यश्च त्वामभियुञ्जीत युद्धाय विगतज्वर:।
तं शूलो भस्मसात्कृत्वा पुनरेष्यति ते करम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
यदि कोई मनुष्य निःसंदेह युद्ध के लिए तुम्हारे पास आएगा, तो यह भाला उसे नष्ट करके तुम्हारे हाथ में लौट आएगा। ॥9॥
 
"If any man without any doubt comes to you for battle, this spear will destroy him and return to your hand." ॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)