Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.61.11: हे प्रभु! सभी देवताओं के स्वामी! आप सभी देवताओं के स्वामी हैं; इसलिए मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ कि वह उत्तम भाला मेरे वंशजों के पास भी सदैव बना रहे। ॥11॥ | ramayan सर्ग 7.61: ऋषियों का मधु को प्राप्त हुए वर तथा लवणासुर के बल और अत्याचार का वर्णन करके उससे प्राप्त होनेवाले भय को दूर करने के लिये श्रीरघुनाथजी से प्रार्थना करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! सभी देवताओं के स्वामी! आप सभी देवताओं के स्वामी हैं; इसलिए मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ कि वह उत्तम भाला मेरे वंशजों के पास भी सदैव बना रहे। ॥11॥
"Lord! Lord of all gods! You are the master of all gods; therefore I pray to you that the most excellent spear should always remain with my descendants as well." ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥