Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.6.68: उस समय सिद्ध, देवर्षि, बड़े-बड़े सर्प, गन्धर्व और यक्ष उनकी स्तुति गा रहे थे। असुर सेना के शत्रु वे श्रीहरि हाथों में शंख, चक्र, तलवार और धनुष लिए हुए सहसा वहाँ आ पहुँचे॥68॥ | ramayan सर्ग 7.6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स सिद्धदेवर्षिमहोरगैश्च
गन्धर्वयक्षैरुपगीयमान:।
समाससादासुरसैन्यशत्रु-
श्चक्रासिशार्ङ्गायुधशङ्खपाणि:॥ ६८॥
अनुवाद
उस समय सिद्ध, देवर्षि, बड़े-बड़े सर्प, गन्धर्व और यक्ष उनकी स्तुति गा रहे थे। असुर सेना के शत्रु वे श्रीहरि हाथों में शंख, चक्र, तलवार और धनुष लिए हुए सहसा वहाँ आ पहुँचे॥68॥
At that time Siddha, Devarshi, big snakes, Gandharva and Yaksha were singing his praises. That Sri Hari, the enemy of the Asura army, suddenly reached there with conch, disc, sword and bow in his hands. 68॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥