Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.6.61-62h: दैत्यों की वह सेना विजय प्राप्ति की इच्छा से महान मेघों की गर्जना के समान कोलाहल करती हुई देवलोक की ओर बढ़ रही थी। उस समय वह सेना सेनापति माली के अधीन थी। | ramayan सर्ग 7.6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दैत्यों की वह सेना विजय प्राप्ति की इच्छा से महान मेघों की गर्जना के समान कोलाहल करती हुई देवलोक की ओर बढ़ रही थी। उस समय वह सेना सेनापति माली के अधीन थी।
That army of demons was moving towards Devlok with the desire to achieve victory, making a noise like the roar of the great clouds. At that time, that army was under the control of Commander Mali. 61 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥