Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.6.6-7: माली, सुमाली और माल्यवान - ये तीन दैत्य कहते हैं कि, ‘मैं विष्णु हूँ, मैं रुद्र हूँ, मैं ब्रह्मा हूँ, मैं देवताओं का राजा इन्द्र, यमराज, वरुण, चन्द्रमा और सूर्य हूँ।’ इस प्रकार अहंकार प्रकट करके वे भयंकर दैत्य और उनके अग्र सैनिक हमें महान् कष्ट पहुँचा रहे हैं।॥6-7॥ | ramayan सर्ग 7.6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अहं विष्णुरहं रुद्रो ब्रह्माहं देवराडहम्।
अहं यमश्च वरुणश्चन्द्रोऽहं रविरप्यहम्॥ ६॥
इति माली सुमाली च माल्यवांश्चैव राक्षसा:।
बाधन्ते समरोद्धर्षा ये च तेषां पुर:सरा:॥ ७॥
अनुवाद
माली, सुमाली और माल्यवान - ये तीन दैत्य कहते हैं कि, ‘मैं विष्णु हूँ, मैं रुद्र हूँ, मैं ब्रह्मा हूँ, मैं देवताओं का राजा इन्द्र, यमराज, वरुण, चन्द्रमा और सूर्य हूँ।’ इस प्रकार अहंकार प्रकट करके वे भयंकर दैत्य और उनके अग्र सैनिक हमें महान् कष्ट पहुँचा रहे हैं।॥6-7॥
Mali, Sumali and Malyavan - these three demons say, 'I am Vishnu, I am Rudra, I am Brahma, I am the king of gods Indra, Yamaraj, Varuna, the Moon and the Sun.' By displaying arrogance in this way, those fierce demons and their front soldiers are causing us great trouble. ॥ 6-7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥