Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.6.56-57h: धीरे-धीरे पृथ्वी आदि तत्त्व नष्ट होकर लुप्त होने लगे। मुख से अग्नि उगलते हुए गिद्धों का एक विशाल समूह मृत्यु के समान दैत्यों के ऊपर मंडराने लगा। | ramayan सर्ग 7.6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धीरे-धीरे पृथ्वी आदि तत्त्व नष्ट होकर लुप्त होने लगे। मुख से अग्नि उगलते हुए गिद्धों का एक विशाल समूह मृत्यु के समान दैत्यों के ऊपर मंडराने लगा।
Gradually the elements such as the Earth etc. began to fall and disappear. A huge flock of vultures, spewing fire from their mouths, began to hover over the demons like death. 56 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥