Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.6.4: हे प्रजापति! ब्रह्माजी के वरदान से उन्मत्त हुए सुकेशा के पुत्र शत्रुओं को पीड़ा देने वाले साधनों द्वारा सम्पूर्ण प्रजा को महान् कष्ट पहुँचा रहे हैं॥4॥ | ramayan सर्ग 7.6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रजापति! ब्रह्माजी के वरदान से उन्मत्त हुए सुकेशा के पुत्र शत्रुओं को पीड़ा देने वाले साधनों द्वारा सम्पूर्ण प्रजा को महान् कष्ट पहुँचा रहे हैं॥4॥
Lord! O Lord of the people! The sons of Sukesha, who have gone mad due to the boon from Brahmaji, are causing great trouble to the entire people by means of means which are used to torment the enemies. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥