श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  7.6.32 
ततो नारायणेनोक्ता देवा इन्द्रपुरोगमा:।
सुरारींस्तान् हनिष्यामि सुरा भवत निर्भया:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
तब भगवान नारायण ने इन्द्र आदि देवताओं से कहा - 'देवताओं! मैं उन विश्वासघातियों का नाश करूँगा, अतः आप सब निर्भय हो जाइये।'
 
Then Lord Narayana said to the gods like Indra - 'Gods! I will destroy those traitors, so you all should be fearless.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)