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ramayan 7.6.26: हे प्रजानाथ! राक्षसों से पराजित होकर हम लोग उन दुष्टों के भय से अपने घरों में रहने में असमर्थ हैं॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 7.6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.6.26 
राक्षसैरभिभूता: स्मो न शक्ता: स्म प्रजापते।
स्वेषु सद्मसु संस्थातुं भयात् तेषां दुरात्मनाम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! राक्षसों से पराजित होकर हम लोग उन दुष्टों के भय से अपने घरों में रहने में असमर्थ हैं॥ 26॥
 
Prajanaath! After being defeated by the demons, we are unable to live in our homes out of fear of those wicked ones.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)