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ramayan 7.6.12: यह सुनकर सब देवताओं ने बड़े जोर से जयकारे लगाकर भगवान महेश्वर का जयकारा लगाया और उन रात्रिचर जीवों के भय से पीड़ित होकर भगवान विष्णु के पास आये।   |   ramayan सर्ग 7.6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.6.12 
ततस्तु जयशब्देन प्रतिनन्द्य महेश्वरम्।
विष्णो: समीपमाजग्मुर्निशाचरभयार्दिता:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर सब देवताओं ने बड़े जोर से जयकारे लगाकर भगवान महेश्वर का जयकारा लगाया और उन रात्रिचर जीवों के भय से पीड़ित होकर भगवान विष्णु के पास आये।
 
On hearing this, all the gods hailed Lord Maheshwar with loud cheers and, afflicted with the fear of those night creatures, came near Lord Vishnu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)