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ramayan 7.6.11: हे देवताओं और ऋषियों! ऐसा विचार करके तुम लोग तुरन्त भगवान विष्णु की शरण में जाओ। भगवान् अवश्य ही उनका नाश करेंगे।॥11॥   |   ramayan सर्ग 7.6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.6.11 
एतमेव समुद्योगं पुरस्कृत्य महर्षय:।
गच्छध्वं शरणं विष्णुं हनिष्यति स तान् प्रभु:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हे देवताओं और ऋषियों! ऐसा विचार करके तुम लोग तुरन्त भगवान विष्णु की शरण में जाओ। भगवान् अवश्य ही उनका नाश करेंगे।॥11॥
 
‘Gods and sages! Keeping this in mind, you should immediately seek refuge in Lord Vishnu. The Lord will surely destroy them.'॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)