Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.6.1: (महर्षि अगस्त्य कहते हैं-रघुनन्दन!) इन राक्षसों से त्रस्त होकर देवता और तपोधन मुनि भय से व्याकुल होकर देवाधिदेव महादेवजी की शरण में गये। 1॥ | ramayan सर्ग 7.6: देवताओं का भगवान् शङ्कर की सलाह से राक्षसों के वध के लिये भगवान् विष्णुकी शरण में जाना और उनसे आश्वासन पाकर लौटना, राक्षसों का देवताओं पर आक्रमण और भगवान् विष्णु का उनकी सहायता के लिये आना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(महर्षि अगस्त्य कहते हैं-रघुनन्दन!) इन राक्षसों से त्रस्त होकर देवता और तपोधन मुनि भय से व्याकुल होकर देवाधिदेव महादेवजी की शरण में गये। 1॥
(Maharishi Agastya says - Raghunandan!) Being tormented by these demons, the gods and sage Tapodhan, distraught with fear, went to Devadhidev Mahadevji for shelter. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥