श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 56: ब्रह्माजी के कहने से वसिष्ठ का वरुण के वीर्य में आवेश, वरुण का उर्वशी के समीप एक कुम्भ में अपने वीर्य का आधान तथा मित्र के शाप से उर्वशी का भूतल में राजा पुरुरवा के पास रहकर पुत्र उत्पन्न करना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.56.25 
बुधस्य पुत्रो राजर्षि: काशिराज: पुरूरवा:।
तमभ्यागच्छ दुर्बुद्धे स ते भर्ता भविष्यति॥ २५॥
 
 
अनुवाद
"अरे मूर्ख! काशीदेश के राजा बुध के पुत्र पुरुरवा के पास जाओ। वही तुम्हारे पति होंगे।"
 
You fool! Go to Pururava, son of Budha, who is the king of Kashidesh. He will be your husband.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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