Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.55.21: इस प्रकार उस समय नृपेन्द्र और द्विजेन्द्र दोनों क्रोध में भरकर एक दूसरे को शाप देकर सहसा अन्तर्धान हो गए। उन दोनों का प्रभाव ब्रह्माजी के समान था ॥21॥ | ramayan सर्ग 7.55: राजा निमि और वसिष्ठ का एक-दूसरे के शाप से देहत्याग । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार उस समय नृपेन्द्र और द्विजेन्द्र दोनों क्रोध में भरकर एक दूसरे को शाप देकर सहसा अन्तर्धान हो गए। उन दोनों का प्रभाव ब्रह्माजी के समान था ॥21॥
Thus, at that time, both Nripendra and Dwijendra, overcome by rage, cursed each other and suddenly disappeared. The influence of both of them was similar to that of Brahmaji. 21॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे पञ्चपञ्चाश: सर्ग: ॥ ५ ५॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें पचपनवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ५ ५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥