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ramayan 7.55.18: 'तब राजा की नींद खुल गई। उसके द्वारा दिया गया शाप सुनकर वह क्रोध से मूर्छित हो गया और ब्रह्मयोनि वसिष्ठ से बोला-॥18॥   |   ramayan सर्ग 7.55: राजा निमि और वसिष्ठ का एक-दूसरे के शाप से देहत्याग   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 55: राजा निमि और वसिष्ठ का एक-दूसरे के शाप से देहत्याग  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.55.18 
तत: प्रबुद्धो राजा तु श्रुत्वा शापमुदाहृतम्।
ब्रह्मयोनिमथोवाच स राजा क्रोधमूर्च्छित:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
'तब राजा की नींद खुल गई। उसके द्वारा दिया गया शाप सुनकर वह क्रोध से मूर्छित हो गया और ब्रह्मयोनि वसिष्ठ से बोला-॥18॥
 
‘Then the king woke up. On hearing the curse given by him, he fainted in anger and said to Brahmayoni Vasishtha -॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)