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ramayan 7.55.17: हे भूपाल नीमे! तुमने मेरी उपेक्षा करके दूसरे पुरोहित को चुना है, इसलिए तुम्हारा यह शरीर अचेत हो जाएगा॥17॥   |   ramayan सर्ग 7.55: राजा निमि और वसिष्ठ का एक-दूसरे के शाप से देहत्याग   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 55: राजा निमि और वसिष्ठ का एक-दूसरे के शाप से देहत्याग  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.55.17 
यस्मात् त्वमन्यं वृतवान् मामवज्ञाय पार्थिव।
चेतनेन विनाभूतो देहस्ते पार्थिवैष्यति॥ १७॥
 
 
अनुवाद
हे भूपाल नीमे! तुमने मेरी उपेक्षा करके दूसरे पुरोहित को चुना है, इसलिए तुम्हारा यह शरीर अचेत हो जाएगा॥17॥
 
O Bhupal Nime! You have ignored me and chosen another priest, therefore this body of yours will fall unconscious.'॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)