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ramayan 7.53.9: हे भोले लक्ष्मण! उस समय एक गरीब अग्निहोत्री ब्राह्मण की गाय, जो उच्च जीवन जीने वाला था, अपने बछड़े सहित अन्य गायों के साथ वहाँ आई। राजा ने निश्चय करके वह गाय एक ब्राह्मण को दे दी॥9॥   |   ramayan सर्ग 7.53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.53.9 
तत: सङ्गाद् गता धेनु: सवत्सा स्पर्शितानघ।
ब्राह्मणस्याहिताग्नेस्तु दरिद्रस्योञ्छवर्तिन:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे भोले लक्ष्मण! उस समय एक गरीब अग्निहोत्री ब्राह्मण की गाय, जो उच्च जीवन जीने वाला था, अपने बछड़े सहित अन्य गायों के साथ वहाँ आई। राजा ने निश्चय करके वह गाय एक ब्राह्मण को दे दी॥9॥
 
Innocent Lakshman! At that time, a cow belonging to a poor Agnihotri Brahmin, who lived an exalted life, along with her calf went there along with the other cows. The king, after making a resolve, gave the cow to a Brahmin.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)