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ramayan 7.53.8: वह महापुरुष एक बार पुष्कर तीर्थ में गये और ब्राह्मणों को सोने से सुसज्जित तथा बछड़ों से युक्त एक करोड़ गायें दान में दीं।   |   ramayan सर्ग 7.53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.53.8 
स कदाचिद् गवां कोटी: सवत्सा: स्वर्णभूषिता:।
नृदेवो भूमिदेवेभ्य: पुष्करेषु ददौ नृप:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वह महापुरुष एक बार पुष्कर तीर्थ में गये और ब्राह्मणों को सोने से सुसज्जित तथा बछड़ों से युक्त एक करोड़ गायें दान में दीं।
 
That great man once went to the Pushkar Tirtha and donated to the Brahmins one crore cows adorned with gold and accompanied by calves.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)