Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.53.24-25h: इस प्रकार राजा नृग उस घोर शाप को भोग रहे हैं। अतः यदि कर्मवीरों के बीच के विवाद का निर्णय न किया जाए तो राजाओं को महान् कलंक लगेगा। 24 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं स राजा तं शापमुपभुङ्क्ते सुदारुणम्॥ २४॥
कार्यार्थिनां विमर्दो हि राज्ञां दोषाय कल्पते।
अनुवाद
इस प्रकार राजा नृग उस घोर शाप को भोग रहे हैं। अतः यदि कर्मवीरों के बीच के विवाद का निर्णय न किया जाए तो राजाओं को महान् कलंक लगेगा। 24 1/2॥
In this way King Nrig is suffering that most grievous curse. Therefore, if the dispute between the working men is not decided then it will bring great blame to the kings. 24 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥