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ramayan 7.53.23-24h: इस प्रकार शाप देने के बाद दोनों ब्राह्मण शांत हो गए और उन्होंने उस बूढ़ी और दुबली गाय को किसी ब्राह्मण को दे दिया।   |   ramayan सर्ग 7.53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  7.53.23-24h 
एवं तौ शापमुत्सृज्य ब्राह्मणौ विगतज्वरौ॥ २३॥
तां गां हि दुर्बलां वृद्धां ददतुर्ब्राह्मणाय वै।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार शाप देने के बाद दोनों ब्राह्मण शांत हो गए और उन्होंने उस बूढ़ी और दुबली गाय को किसी ब्राह्मण को दे दिया।
 
‘After cursing them in this manner, both the brahmins became calm. They gave that old and skinny cow to some brahmin.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)