Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.53.18-20h: हे राजन! जो साधक अपने विवादों के समाधान की इच्छा से आपके पास आते हैं, उनके समक्ष आप प्रकट नहीं होते, इसलिए आप समस्त प्राणियों से छिपे रहने वाले गिरगिट बन जाएँगे और हजारों वर्षों तक गिरगिट के रूप में बिल में ही रहेंगे। | ramayan सर्ग 7.53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! जो साधक अपने विवादों के समाधान की इच्छा से आपके पास आते हैं, उनके समक्ष आप प्रकट नहीं होते, इसलिए आप समस्त प्राणियों से छिपे रहने वाले गिरगिट बन जाएँगे और हजारों वर्षों तक गिरगिट के रूप में बिल में ही रहेंगे।
‘O King! You do not appear before the seekers who come to you with the desire of getting their disputes resolved, so you will become a chameleon who stays hidden from all creatures and will remain in the hole as a chameleon for thousands of years.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥