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ramayan 7.53.17-18h: वे दोनों श्रेष्ठ ब्राह्मण अत्यन्त क्रोधित और क्रुद्ध हो गए और उन्होंने राजा को शाप देते हुए ये कठोर वचन कहे -   |   ramayan सर्ग 7.53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  7.53.17-18h 
ऊचतुश्च महात्मानौ तावुभौ द्विजसत्तमौ॥ १७॥
क्रुद्धौ परमसंतप्तौ वाक्यं घोराभिसंहितम्।
 
 
अनुवाद
वे दोनों श्रेष्ठ ब्राह्मण अत्यन्त क्रोधित और क्रुद्ध हो गए और उन्होंने राजा को शाप देते हुए ये कठोर वचन कहे -
 
Both those great Brahmins became very angry and furious and cursed the king and said these harsh words -
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)