श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 53: श्रीराम का कार्यार्थी पुरुषों की उपेक्षा से राजा नृग को मिलने वाली शाप की कथा सुनाकर लक्ष्मण को देखभाल के लिये आदेश देना  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  7.53.15-16h 
तयोर्ब्राह्मणयोर्वादो महानासीद् विपश्चितो:॥ १५॥
विवदन्तौ ततोऽन्योन्यं दातारमभिजग्मतु:।
 
 
अनुवाद
'तब उन दोनों विद्वान ब्राह्मणों में उस गौ के विषय में बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया। वे दोनों आपस में लड़ते हुए दानशील राजा नृग के पास गए।
 
‘Then a big dispute arose between those two learned Brahmins regarding that cow. Both of them fighting with each other went to that generous king Nriga. 15 1/2.
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