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ramayan 7.51.6-7h: 'वहां बैठे हुए महर्षियों ने दोपहर के समय अनेक प्रकार की मधुर कथाएं सुनाईं।   |   ramayan सर्ग 7.51: मार्ग में सुमन्त्र का दुर्वासा के मुख से सुनी हुर्इ भृगुऋषि के शाप की कथा कहकर तथा भविष्य में होनेवाली कुछ बातें बताकर दुःखी लक्ष्मण को शान्त करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 51: मार्ग में सुमन्त्र का दुर्वासा के मुख से सुनी हुर्इ भृगुऋषि के शाप की कथा कहकर तथा भविष्य में होनेवाली कुछ बातें बताकर दुःखी लक्ष्मण को शान्त करना  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  7.51.6-7h 
तेषां तत्रोपविष्टानां तास्ता: सुमधुरा: कथा:॥ ६॥
बभूवु: परमर्षीणां मध्यादित्यगतेऽहनि।
 
 
अनुवाद
'वहां बैठे हुए महर्षियों ने दोपहर के समय अनेक प्रकार की मधुर कथाएं सुनाईं।
 
‘The great sages sitting there narrated various kinds of very sweet stories during the afternoon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)