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ramayan 7.51.21-22h: 'उनके अनुयायी भी अत्यंत सुखी और समृद्ध होंगे। श्रीराम ग्यारह हजार वर्षों तक राज्य करेंगे और अंत में ब्रह्मलोक (वैकुंठ या साकेत धाम) को प्राप्त होंगे।' 21 1/2.   |   ramayan सर्ग 7.51: मार्ग में सुमन्त्र का दुर्वासा के मुख से सुनी हुर्इ भृगुऋषि के शाप की कथा कहकर तथा भविष्य में होनेवाली कुछ बातें बताकर दुःखी लक्ष्मण को शान्त करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 51: मार्ग में सुमन्त्र का दुर्वासा के मुख से सुनी हुर्इ भृगुऋषि के शाप की कथा कहकर तथा भविष्य में होनेवाली कुछ बातें बताकर दुःखी लक्ष्मण को शान्त करना  »  श्लोक 21-22h
 
 
श्लोक  7.51.21-22h 
सुखिनश्च समृद्धाश्च भविष्यन्त्यस्य येऽनुगा:।
दशवर्षसहस्राणि दशवर्षशतानि च॥ २१॥
रामो राज्यमुपासित्वा ब्रह्मलोकं गमिष्यति।
 
 
अनुवाद
'उनके अनुयायी भी अत्यंत सुखी और समृद्ध होंगे। श्रीराम ग्यारह हजार वर्षों तक राज्य करेंगे और अंत में ब्रह्मलोक (वैकुंठ या साकेत धाम) को प्राप्त होंगे।' 21 1/2.
 
‘His followers will also be very happy and prosperous. Shri Ram will rule for eleven thousand years and finally reach Brahmlok (Vaikuntha or Saket Dham). 21 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)