श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 50: लक्ष्मण और सुमन्त्र की बातचीत  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.50.9 
एता वाचो बहुविधा: श्रुत्वा लक्ष्मणभाषिता:।
सुमन्त्र: श्रद्धया प्राज्ञो वाक्यमेतदुवाच ह॥ ९॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण की ये विविध बातें सुनकर बुद्धिमान सुमन्त्र ने आदरपूर्वक ये वचन कहे:
 
Hearing these various things said by Lakshmana, the wise Sumantra said these words with reverence:
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)