Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.50.5: जो कुपित होने पर देवता, गन्धर्व, दानव और राक्षसों को भी मार सकता है, वही भगवान् का भजन करने वाला है (और उसे रोकने में समर्थ नहीं है)॥5॥ | ramayan सर्ग 7.50: लक्ष्मण और सुमन्त्र की बातचीत । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यो हि देवान् सगन्धर्वानसुरान् सह राक्षसै:।
निहन्याद् राघव: क्रुद्ध: स दैवं पर्युपासते॥ ५॥
अनुवाद
जो कुपित होने पर देवता, गन्धर्व, दानव और राक्षसों को भी मार सकता है, वही भगवान् का भजन करने वाला है (और उसे रोकने में समर्थ नहीं है)॥5॥
The one who when enraged, can kill the Gods, Gandharvas, demons and even the demons, is the one who is worshipping the God (and is not able to stop him).॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥