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ramayan 7.49.4: 'प्रभु! आप स्वयं जाकर देख लीजिए। वह मानो आकाश से उतरी हुई देवी है। प्रभु! गंगा तट पर बैठी वह सुंदरी बहुत उदास है।'   |   ramayan सर्ग 7.49: मुनि कुमारोंसे समाचार पाकर वाल्मीकि का सीता के पास आ उन्हें सान्त्वना देना और आश्रम में लिवा ले जाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 49: मुनि कुमारोंसे समाचार पाकर वाल्मीकि का सीता के पास आ उन्हें सान्त्वना देना और आश्रम में लिवा ले जाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.49.4 
भगवन् साधु पश्येस्त्वं देवतामिव खाच्च्युताम्।
नद्यास्तु तीरे भगवन् वरस्त्री कापि दु:खिता॥ ४॥
 
 
अनुवाद
'प्रभु! आप स्वयं जाकर देख लीजिए। वह मानो आकाश से उतरी हुई देवी है। प्रभु! गंगा तट पर बैठी वह सुंदरी बहुत उदास है।'
 
‘Lord! You should go and have a good look yourself. She looks like a goddess descended from the sky. Lord! That beautiful lady sitting on the bank of the Ganges is very sad.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)