Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.49.22: अतः तुम सब लोग उस पर अत्यंत स्नेह से दृष्टि रखो। मेरे कहने से तथा उसके अपने अभिमान से भी वह तुम्हारे द्वारा विशेष रूप से आदरणीय है।॥22॥   |   ramayan सर्ग 7.49: मुनि कुमारोंसे समाचार पाकर वाल्मीकि का सीता के पास आ उन्हें सान्त्वना देना और आश्रम में लिवा ले जाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 49: मुनि कुमारोंसे समाचार पाकर वाल्मीकि का सीता के पास आ उन्हें सान्त्वना देना और आश्रम में लिवा ले जाना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.49.22 
इमां भवत्य: पश्यन्तु स्नेहेन परमेण हि।
गौरवान्मम वाक्याच्च पूज्या वोऽस्तु विशेषत:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
अतः तुम सब लोग उस पर अत्यंत स्नेह से दृष्टि रखो। मेरे कहने से तथा उसके अपने अभिमान से भी वह तुम्हारे द्वारा विशेष रूप से आदरणीय है।॥22॥
 
‘Therefore all of you should look upon her with utmost affection. By my saying and by her own pride also she is specially respected by you.'॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)